किच्छा पालिका चुनाव: तिलक राज बेहड़ और राजेश शुक्ला की साख दांव पर, समर्थकों के बीच सीधा मुकाबला

ऊधमसिंह नगर की किच्छा नगर पालिका परिषद का चुनाव इस बार सिर्फ अध्यक्ष पद की लड़ाई नहीं रह गया है। चुनाव में कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ और भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। दोनों नेताओं ने अध्यक्ष पद के लिए अपने-अपने समर्थित प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है।
बेहड़-शुक्ला के समर्थकों के बीच मुकाबला
किच्छा में मुकाबला भले ही कांग्रेस और भाजपा के बीच नजर आ रहा हो, लेकिन राजनीतिक तौर पर इसे तिलक राज बेहड़ बनाम राजेश शुक्ला की प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। दोनों नेता अपने प्रत्याशियों के समर्थन में लगातार जनसंपर्क और बैठकों में जुटे हैं।
किच्छा विधानसभा क्षेत्र में यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इसे दोनों नेताओं के लिए एक तरह का सेमीफाइनल माना जा रहा है।
कांग्रेस और भाजपा ने उतारे प्रत्याशी
किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस ने राजेश प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया है, जबकि भाजपा की ओर से संदीप अरोरा मैदान में हैं। वहीं कांग्रेस समर्थित अब्दुल रशीद जक्कू ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। अगर वह नामांकन वापस नहीं लेते हैं तो कांग्रेस के वोटों का समीकरण प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय मुद्दे और विकास बने चुनावी मुद्दे
चुनाव में दोनों दलों ने अपने-अपने मुद्दों के साथ मतदाताओं के बीच पहुंचना शुरू कर दिया है। भाजपा की ओर से विकास और ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार का मुद्दा प्रमुख है, जबकि कांग्रेस स्थानीय समस्याओं, जलभराव और भ्रष्टाचार को लेकर मैदान में है।
किच्छा में सिख, बंगाली, पंजाबी और मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में पालिका चुनाव का परिणाम दोनों नेताओं की क्षेत्र में राजनीतिक पकड़ का संकेत दे सकता है।
दोनों नेताओं ने किया जीत का दावा
कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि नगर पालिका को भ्रष्टाचार का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा और उनके प्रत्याशी की जीत होगी। वहीं भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने दावा किया कि जनता भाजपा के पक्ष में है और पार्टी के प्रत्याशी की जीत निश्चित है।



