हल्द्वानी: सुशीला तिवारी अस्पताल की 12 करोड़ रुपये की कैथ लैब में सीलन, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. सुशीला तिवारी (एसटीएच) अस्पताल में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित कैथ लैब में सीलन आने का मामला सामने आया है। अत्याधुनिक सुविधा शुरू होने से पहले ही सामने आई इस तकनीकी समस्या ने स्वास्थ्य विभाग और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, कैथ लैब में नमी और सीलन के कारण महंगे चिकित्सा उपकरणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कैथ लैब जैसे संवेदनशील चिकित्सा केंद्र में नियंत्रित तापमान और नमी बनाए रखना बेहद आवश्यक होता है, अन्यथा उपकरणों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीलन के कारणों का पता लगाया जा रहा है और आवश्यक मरम्मत कर जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा, ताकि कैथ लैब को सुरक्षित रूप से संचालित किया जा सके।
गौरतलब है कि यह कैथ लैब कुमाऊं क्षेत्र के हृदय रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मानी जा रही है। इसके शुरू होने से एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी सेवाओं के लिए मरीजों को दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। हालांकि, संचालन से पहले सामने आई यह तकनीकी खामी अस्पताल प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गई है।



