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हरियाणा के दो गांव बने मिसाल: सरकारी स्कूल में बेटियों की संख्या लड़कों से अधिक, पंचायत ने दान किए 30 लाख रुपये

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हरियाणा के कैथल जिले के सौंगरी और गुलियाना गांव शिक्षा और लैंगिक समानता की अनूठी मिसाल बनकर उभरे हैं। इन गांवों के मॉडल सरकारी स्कूल में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक हो गई है। यहां प्रति 1000 लड़कों पर लगभग 1500 लड़कियां पढ़ाई कर रही हैं, जो राज्य में बदलती सामाजिक सोच और शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल को बेहतर बनाने के लिए सामूहिक पहल करते हुए 30 लाख रुपये से अधिक का योगदान दिया है। इस राशि से स्कूल में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया, जिससे शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ और अभिभावकों का भरोसा सरकारी विद्यालयों पर बढ़ा। अब बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों को निजी स्कूलों की बजाय इसी सरकारी स्कूल में भेज रहे हैं।

स्कूल प्रशासन का कहना है कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और पंचायत के सहयोग से विद्यालय की पहचान एक मॉडल स्कूल के रूप में बनी है। इसका सकारात्मक असर छात्राओं के नामांकन पर भी पड़ा है, जिससे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती मिली है।

स्थानीय पंचायत और ग्रामीणों का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही गांव के विकास का आधार है। सामुदायिक सहयोग से तैयार यह मॉडल अब अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है और सरकारी विद्यालयों को मजबूत करने की दिशा में एक सफल उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

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