उत्तराखंड में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, दो एनएच समेत 172 सड़कें बंद; आपदा में अब तक 54 लोगों की मौत

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बंद हो रही हैं। राज्य में दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 172 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। वहीं, अप्रैल के बाद से प्रदेश में आपदा से जुड़ी घटनाओं में अब तक 54 लोगों की मौत हो चुकी है।
दो एनएच समेत 172 सड़कें बंद
लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश के कई जिलों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। अल्मोड़ा में 23, बागेश्वर में 11, चमोली में 17, चंपावत में दो, देहरादून में 15, नैनीताल में 40, पौड़ी में 12, पिथौरागढ़ में 12, रुद्रप्रयाग में 11, टिहरी में 15 और उत्तरकाशी में 14 मार्ग बंद हैं। इनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं।
सड़कों के बंद होने से पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर मलबा हटाने और मार्गों को खोलने का काम किया जा रहा है।
भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। देहरादून और टिहरी में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। अन्य कई जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे नहीं जाने और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।
आपदा में 54 लोगों की मौत
प्रदेश में अप्रैल के बाद से अब तक आपदा से जुड़ी घटनाओं में 54 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 10 मौतें वन्यजीवों के हमले से हुई हैं। आपदा की घटनाओं में 49 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 1,239 भवनों को आंशिक और 68 भवनों को अधिक नुकसान पहुंचा है, जबकि 23 भवन पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं।
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों से मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।



