उत्तराखंड: सितंबर की शुरुआत में ही मूसलाधार बारिश, देहरादून में जलभराव से बिगड़े हालात; बीते साल की यादें ताजा

देहरादून। सितंबर की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को सुबह से पहाड़ से लेकर मैदान तक कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। देहरादून में तेज बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ने पिछले साल सितंबर में दून में बने आपदा जैसे हालात की याद ताजा कर दी।
सामान्य से 402 फीसदी ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में देहरादून में 59.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में जिले की सामान्य बारिश 11.8 मिमी रहती है। यानी देहरादून में सामान्य से करीब 402 फीसदी अधिक बारिश हुई।
बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कें और गलियां पानी से भर गईं। तेज बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था धीमी पड़ने से निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। इससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रदेश में भी सामान्य से दोगुने से ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे में पूरे उत्तराखंड में औसतन 27.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 9.3 मिमी है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से 192 फीसदी अधिक बारिश हुई।
सबसे ज्यादा बारिश बागेश्वर में 61.8 मिमी दर्ज की गई। इसके बाद देहरादून में 59.3 मिमी, चंपावत में 51.1 मिमी और नैनीताल में 34 मिमी बारिश हुई। पिथौरागढ़ में 33.9, रुद्रप्रयाग में 29.5, टिहरी में 28, अल्मोड़ा में 24.9 और ऊधमसिंह नगर में 23.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
निचले इलाकों में बढ़ी चिंता
लगातार बारिश से शहर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन और संबंधित विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
बारिश का असर केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहा। प्रदेश के पर्वतीय जिलों में भी दिनभर बारिश का सिलसिला जारी रहा।



