मुंबई के लालबागचा राजा का पहला लुक जारी, महाकाल मंदिर की थीम पर बना भव्य प्रवेश द्वार

मुंबई में गणेशोत्सव 2026 की तैयारियों के बीच प्रसिद्ध लालबागचा राजा की पहली झलक सामने आ गई है। इस बार पंडाल का मुख्य आकर्षण उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर से प्रेरित भव्य प्रवेश द्वार है। गणेशोत्सव 14 से 25 सितंबर तक मनाया जाएगा।
80 फीट ऊंचा और 60 फीट चौड़ा प्रवेश द्वार
लालबागचा राजा के पंडाल का मुख्य प्रवेश द्वार इस बार महाकाल मंदिर की शैली से प्रेरित होकर तैयार किया गया है। इसकी ऊंचाई करीब 80 फीट और चौड़ाई 60 फीट है। प्रवेश द्वार पर भगवान शिव की 35 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा भी स्थापित की गई है।
प्रतिमा को तकनीकी रूप से इस तरह तैयार किया गया है कि श्रद्धालुओं को भगवान शिव की लाल आंखें झपकती हुई दिखाई देंगी। वहीं, लालबागचा राजा की प्रतिमा का सिंहासन और आसन इस बार भी परंपरा के अनुसार पहले की तरह ही रखा गया है।
कचरे से बिजली बनाने की तैयारी
गणेशोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया है। आयोजकों के अनुसार, करीब 80 टन गीला कचरा निकलने का अनुमान है। इससे लगभग 7,744 यूनिट बिजली बनाने की योजना तैयार की गई है।
करीब 100 पंडालों ने कराया बीमा
गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा को लेकर भी आयोजकों ने तैयारियां बढ़ाई हैं। इस वर्ष मुंबई के करीब 100 गणेश पंडालों ने बीमा कराया है। पिछले वर्ष यह संख्या करीब 20 से 30 पंडालों तक सीमित थी।



