किशाऊ बांध परियोजना पर बड़ा कदम: दिल्ली में छह राज्यों के बीच एमओयू, सीएम धामी ने किए हस्ताक्षर

नई दिल्ली: करीब छह दशक से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में मंगलवार को बड़ा कदम उठाया गया। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में किशाऊ परियोजना को लेकर छह राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के मुख्यमंत्री शामिल रहे।
किशाऊ परियोजना उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश की सीमा पर टोंस नदी पर प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य जल भंडारण के साथ सिंचाई, पेयजल और विद्युत उत्पादन को बढ़ावा देना है। संशोधित योजना के अनुसार बांध की ऊंचाई 232.6 मीटर और जीवंत जल भंडारण क्षमता करीब 1561.91 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रस्तावित है। परियोजना से करीब 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
एमओयू के तहत राज्यों के बीच पानी और बिजली से जुड़े लाभों तथा वित्तीय भागीदारी का ढांचा तय किया गया है। परियोजना से उत्तर भारत के कई राज्यों को जल उपलब्धता और सिंचाई के क्षेत्र में लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही यमुना बेसिन में जल प्रवाह और नदी के पुनर्जीवन की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किशाऊ परियोजना को वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिला था, लेकिन राज्यों के बीच सहमति और अन्य प्रक्रियाओं के कारण यह लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ सकी। अब छह राज्यों के बीच हुए समझौते के बाद परियोजना के आगे बढ़ने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।



