उत्तराखंड: सीएम हेल्पलाइन 1905 पर बढ़ा शिकायतों का बैकलॉग, समाधान दर 69% से घटकर 12% हुई

देहरादून: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 पर शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनके निस्तारण की रफ्तार में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अगस्त 2026 में पिछले तीन वर्षों के मुकाबले सबसे ज्यादा 25,432 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से केवल 3,171 शिकायतों का ही पूर्ण निस्तारण हो सका।
मार्च में शिकायतों के समाधान की दर 69 प्रतिशत थी, जो अप्रैल में 63, मई में 52, जून में 42 और जुलाई में 26 प्रतिशत रह गई। अगस्त में यह दर घटकर महज 12 प्रतिशत पहुंच गई। जुलाई की तुलना में अगस्त में शिकायतों की संख्या में 13.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
देहरादून में सबसे ज्यादा शिकायतें
अगस्त में देहरादून से सबसे ज्यादा 7,469 शिकायतें दर्ज हुईं। इसके बाद ऊधमसिंह नगर में 5,214, हरिद्वार में 4,417 और नैनीताल में 2,894 शिकायतें दर्ज की गईं। वहीं शिकायतों के निस्तारण के मामले में चंपावत 80.92 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा, जबकि अल्मोड़ा 79.32 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
छह महीने से लंबित हैं कई शिकायतें
हेल्पलाइन सिस्टम में कई शिकायतें करीब 180 दिनों से लंबित हैं। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की 470 शिकायतें लंबित हैं, जिनमें 457 शिकायतें एल-3 स्तर पर अटकी हैं। इसके अलावा राजस्व विभाग की 286, नगर निगम की 262, आयुर्वेद विश्वविद्यालय की 222 और संस्कृति विभाग की 211 शिकायतें भी लंबित हैं।
बिजली, पानी और सड़कों से जुड़ी शिकायतें बढ़ीं
अगस्त में मानसून से जुड़ी समस्याओं का असर भी हेल्पलाइन के आंकड़ों में दिखाई दिया। बिजली कटौती की 678, अधिक बिल की 556 और पेयजल संकट की 549 शिकायतें दर्ज हुईं। वहीं सड़कों और गड्ढों से संबंधित 1,432 शिकायतें सामने आईं।



