श्रीनगर की हवा में बढ़ा प्रदूषण: 169 दिन सुरक्षित सीमा से ऊपर रहा PM2.5, 26 दिन ओजोन ने पार की सीमा

गढ़वाल हिमालय में वायु प्रदूषण को लेकर रिपोर्ट में चिंता, दिसंबर 2025 में ओजोन का स्तर 634.13 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंचा
श्रीनगर। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर में वायु प्रदूषण को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (HNBGU) की ओर से जारी पांचवें ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन में वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, श्रीनगर में PM2.5 का स्तर 169 दिनों तक निर्धारित 24 घंटे की सीमा से ऊपर रहा। वहीं, ओजोन का स्तर 26 दिनों तक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की निर्धारित सीमा से अधिक दर्ज किया गया।
169 दिन सुरक्षित सीमा से ऊपर रहा PM2.5
रिपोर्ट के अनुसार, श्रीनगर में PM2.5 की वार्षिक औसत सांद्रता 73.30 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। PM2.5 का स्तर 169 दिनों तक निर्धारित 24 घंटे की सीमा से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं, PM10 की औसत सांद्रता 100.48 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही और 146 दिनों तक इसका स्तर निर्धारित सीमा से अधिक रहा।
26 दिन ओजोन ने पार की CPCB की सीमा
श्रीनगर में ओजोन प्रदूषण को लेकर भी आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकतम आठ घंटे की औसत ओजोन सांद्रता 26 दिनों तक CPCB की 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सीमा से ऊपर रही। यह कुल वैध अवलोकन दिनों का 7.7 प्रतिशत है।
दिसंबर 2025 में ओजोन का स्तर 634.13 तक पहुंचा
रिपोर्ट में 19 दिसंबर 2025 को दर्ज ओजोन प्रदूषण की घटना को प्रमुखता से बताया गया है। इस दिन आठ घंटे की औसत ओजोन सांद्रता 634.13 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। वहीं, एक घंटे की औसत सांद्रता 880 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक दर्ज की गई।
339 दिनों के आंकड़ों का विश्लेषण
रिपोर्ट में कुल 339 दिनों के वैध आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसके अलावा, कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) का स्तर भी 22 दिनों तक निर्धारित सीमा से अधिक दर्ज किया गया।
वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए क्षेत्र में प्रदूषण के स्रोतों की निगरानी और नियंत्रण उपायों पर ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है।



