उत्तराखंड: SC-ST अत्याचार के मामलों में समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश, सीएम धामी ने डिजिटल निगरानी पर दिया जोर

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में उन्होंने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्याचार से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा, सम्मान और उसके अधिकार मिलें, इसके लिए पूरी व्यवस्था को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया जाए। वर्ष 2024 से अब तक जिन मामलों में विवेचना लंबित है, उनके कारणों की समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के निर्देश दिए गए।
पुराने मामलों के निस्तारण पर जोर
सीएम धामी ने लंबे समय से लंबित और गंभीर मामलों में पुलिस, प्रशासन और अभियोजन विभाग के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश दिए। साथ ही विशेष न्यायालयों में लंबित मामलों की भी नियमित समीक्षा करने को कहा। प्रभावी पैरवी के लिए आवश्यकता के अनुसार विशेष लोक अभियोजकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डिजिटल माध्यम से होगी निगरानी
बैठक में मामलों की प्रगति की निगरानी के लिए डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। सरकार का उद्देश्य मामलों की जांच, राहत और कानूनी कार्रवाई की स्थिति पर नियमित नजर रखते हुए लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है।



