
देहरादून। उत्तराखंड में नीट-यूजी दाखिलों में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, श्रीनगर और हरिद्वार में सत्यापन के दौरान फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर लिए गए 19 संदिग्ध दाखिले निरस्त किए गए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) और जिलाधिकारियों की टीमों ने मेडिकल कॉलेजों में दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया। जांच में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, एससी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और स्थायी निवास प्रमाणपत्रों से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं।
778 से अधिक प्रमाणपत्रों की जांच
प्रशासन की ओर से अब 778 से अधिक प्रमाणपत्रों की गहन जांच की जा रही है। जांच का उद्देश्य अपात्र अभ्यर्थियों द्वारा कथित फर्जीवाड़े के जरिए मेडिकल सीट हासिल करने के मामलों की पहचान करना है।
कई लोगों की गिरफ्तारी, अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
एसआईटी ने मामले में कथित गिरोह के मास्टरमाइंड रूपेश पंडित को गिरफ्तार किया है, जो मेरठ से एजुकेशनल कंसल्टेंसी चलाता था। भोपाल के कंसल्टेंट धीरज कुमार और अरविंद कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। अरविंद कुमार पर फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए अपनी बेटी का दाखिला कराने का आरोप है।
फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने में राजस्व कर्मियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ निलंबन और कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।



