
उत्तराखंड सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 को मंजूरी दी है। योजना के तहत राज्य के राजकीय, अशासकीय और निजी विश्वविद्यालयों तथा उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
योजना के तहत विद्यार्थियों को डिग्री के साथ रोजगार बाजार की जरूरत के अनुरूप व्यावहारिक और रोजगारपरक कौशल सिखाए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए भी तैयार करना है। शुरुआत में राजकीय और अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा।
कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, वेब डेवलपमेंट, ड्रोन तकनीक, ब्रांड डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग और बैंकिंग जैसे विषय शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा मूल्यवर्धित पाठ्यक्रम के तहत मशरूम की खेती, मधुमक्खी पालन, शिल्प एवं वस्त्र, ईको-टूरिज्म, विरासत, उद्यमिता और योग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
योजना से विद्यार्थियों और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर रहेगा। सरकार का मानना है कि तेजी से बदलते रोजगार बाजार में पारंपरिक डिग्री के साथ तकनीकी और व्यावसायिक कौशल भी जरूरी हैं।



