
ऊधम सिंह नगर: किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव का मुकाबला लंबे समय से चल रहे विवाद और कानूनी लड़ाई के चलते हाई-प्रोफाइल हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले 24 सितंबर को मतगणना निर्धारित की थी, लेकिन किच्छा में स्ट्रांग रूम के बाहर हुए हंगामे और कानून-व्यवस्था के कारण मतगणना टाल दी गई थी।
मतपेटियों के आगे पर्दा लगाए जाने की घटना के बाद विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थक आमने-सामने आ गए थे। हंगामे और धक्का-मुक्की के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मतगणना स्थगित कर दी। इसके बाद मामला नैनीताल हाईकोर्ट पहुंचा।
कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से अलीना मलिक ने जल्द मतगणना कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोनों नगर पालिकाओं की मतगणना 7 अक्तूबर को कराने का आदेश दिया। साथ ही मतगणना से संबंधित पूरी रिपोर्ट शनिवार तक शपथपत्र के माध्यम से दाखिल करने के निर्देश दिए।
अब किच्छा-सिरौलीकलां चुनाव के परिणाम पर सभी की नजरें हैं। मुकाबले को स्थानीय स्तर पर विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की प्रतिष्ठा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मतगणना की तारीख तय होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किच्छा में लड्डू बांटकर खुशी जताई।



