
हरिद्वार: कुंभ मेला कलश स्थल की जमीन पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण से जुड़े मामले में सूचना देने में देरी पर राज्य सूचना आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) से जुड़े प्रावधानों और अपने आदेश के अनुपालन में लापरवाही मानते हुए हरिद्वार के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी आशीष वर्मा पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मामले में राष्ट्रीय सूचना अधिकार जागृति मिशन के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा ने सात फरवरी 2024 को मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। शिकायत में कुंभ कलश की भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि भागीरथी होटल के ठेकेदारों ने अवैध खनन से निकले पत्थरों से निर्माण कर हरियाली को नुकसान पहुंचाया और मौके पर टीनशेड व दो विद्युत ट्रांसफार्मर भी रखे गए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद 20 फरवरी 2024 को रमेश चंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय में आरटीआई आवेदन देकर अवैध कब्जा हटाने के लिए शासन स्तर पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने 23 फरवरी को आवेदन जिलाधिकारी कार्यालय को भेज दिया, लेकिन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ने इसे आगे भेजने में 23 दिन का विलंब किया। इसके बाद आवेदन उपजिलाधिकारी और फिर तहसील स्तर के अधिकारी को भेजा गया।
सूचना नहीं मिलने पर शिकायतकर्ता ने तीन जनवरी 2025 को प्रथम अपील और 20 जून 2025 को राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दायर की। सुनवाई के बाद सूचना आयुक्त दिलीप सिंह कुंवर ने 20 नवंबर 2025 को मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस का जवाब नहीं देने और आयोग के अंतरिम आदेशों का पालन नहीं करने पर सात सितंबर 2026 को 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।



