यूपी का योगी मॉडल: तकनीक के सहारे खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव, पारदर्शी राशन वितरण पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने खाद्य सुरक्षा और राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए तकनीक आधारित प्रणाली को बढ़ावा दिया है। योगी सरकार के मॉडल में डिजिटल निगरानी, ई-पॉस मशीन, आधार प्रमाणीकरण और ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से राशन वितरण में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को मजबूत करने के लिए राशन कार्ड प्रबंधन, लाभार्थियों के सत्यापन और वितरण प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है। ई-पॉस मशीनों के जरिए लाभार्थियों की पहचान और राशन वितरण की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाया गया है, जिससे फर्जी लाभार्थियों और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिली है।
सरकार का दावा है कि तकनीक के इस्तेमाल से राशन की कालाबाजारी और वितरण में होने वाली गड़बड़ियों को कम किया गया है। खाद्यान्न की सप्लाई चेन से लेकर उचित मूल्य की दुकानों तक निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। GPS आधारित परिवहन निगरानी जैसी व्यवस्थाओं से खाद्यान्न की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है।
उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में राशन वितरण प्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर पात्र लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।



