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शिक्षकों की भर्ती से पहले वित्त और कार्मिक विभाग की सहमति अनिवार्य

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देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर नया आदेश जारी किया है। अब राज्य में शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती करने से पहले वित्त विभाग और कार्मिक विभाग की सहमति लेना अनिवार्य होगा।

सरकार का कहना है कि हाल के वर्षों में कई सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या लगातार घट रही है, जिससे कुछ स्थानों पर शिक्षकों के पद जरूरत से अधिक हो सकते हैं। इसी कारण भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले दोनों विभागों से मंजूरी लेना आवश्यक कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि यह निर्णय बजट समीक्षा बैठक के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर लिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य में शिक्षकों की नियुक्ति वास्तविक जरूरत और उपलब्ध बजट के अनुसार की जाए, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आगे से किसी भी स्कूल या संस्थान में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने से पहले संबंधित प्रस्ताव को वित्त और कार्मिक विभाग की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद ही भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

इस आदेश के बाद राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर प्रशासनिक निगरानी और भी सख्त हो जाएगी, जबकि सरकार का मानना है कि इससे नियुक्तियों में पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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