ईरान की अमेरिका को खुली धमकी: ‘स्टोन एज’ वाले बयान पर पलटवार, मिडिल ईस्ट में US बेस हाई अलर्ट पर

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी बेहद तीखी हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को “स्टोन एज में भेजने” वाले बयान के बाद तेहरान ने कड़ा पलटवार करते हुए कहा है कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
ईरानी सैन्य अधिकारियों ने अमेरिका के बयान को “सभ्यता और इतिहास की समझ से दूर” बताते हुए कहा कि 6,000 साल पुरानी सभ्यता को 250 साल पुराने देश से धमकी स्वीकार नहीं है। ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि किसी भी बड़े अमेरिकी हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई सीधे US bases, ऊर्जा ढांचे और रणनीतिक ठिकानों पर हो सकती है।
इधर, बढ़ते खतरे को देखते हुए कतर, कुवैत, यूएई और इराक में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस हाई अलर्ट पर रखे गए हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग ने क्षेत्र में अतिरिक्त एयर डिफेंस और नौसैनिक संसाधन तैनात किए हैं। हालिया कुवैत रिफाइनरी ड्रोन हमले के बाद यह अलर्ट और बढ़ा दिया गया है।
यह घटनाक्रम वैश्विक तेल बाजार, खाड़ी सुरक्षा और व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंकाओं को और गहरा कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच बयानबाजी सैन्य कार्रवाई में बदली, तो इसका असर पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई, शिपिंग रूट्स और बाजारों पर पड़ सकता है।



