बदरीनाथ में अनोखा मॉडल: आठ टन कचरे से कमाए 84 हजार रुपये, स्वच्छता के साथ आय भी

चमोली। उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में कचरा प्रबंधन का एक अनोखा और प्रेरणादायक मॉडल सामने आया है। यहां नगर पंचायत ने स्वच्छता के साथ आय का नया रास्ता खोज लिया है।
जानकारी के अनुसार, मात्र एक सप्ताह में आठ टन अजैविक कचरे से 84 हजार रुपये से अधिक की कमाई की गई है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में मददगार साबित हो रही है, बल्कि स्थानीय निकाय के लिए आय का स्रोत भी बन रही है।
नगर पंचायत द्वारा कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में छांटकर उसका पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) किया जा रहा है। प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरे को प्रोसेस कर बेचा जाता है, जिससे राजस्व प्राप्त हो रहा है।
चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से कचरे की मात्रा बढ़ जाती है, लेकिन इस मॉडल के जरिए उसे समस्या नहीं बल्कि संसाधन में बदला जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल देश के अन्य तीर्थस्थलों और पर्यटन क्षेत्रों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है, जहां स्वच्छता और आर्थिक लाभ दोनों को साथ लेकर चला जा सकता है।



