
हरिद्वार: हाल ही में हुए स्नान पर्वों के दौरान हरिद्वार में उमड़ी भारी भीड़ ने शहर की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है। खासतौर पर यातायात प्रबंधन को लेकर गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिससे प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बुद्ध पूर्णिमा स्नान और उसके बाद वीकेंड पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही। चंडीघाट चौक पर वाहनों का अत्यधिक दबाव देखने को मिला, जहां ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
रिपोर्ट के अनुसार, डबल लेन पुल बनने के बावजूद यातायात का सही प्रबंधन नहीं हो सका, जिससे पूरा दबाव एक ही स्थान पर केंद्रित हो गया। वहीं, सर्विस लेन पर अतिक्रमण, अव्यवस्थित पार्किंग और स्पष्ट संकेतकों की कमी ने समस्या को और बढ़ा दिया।
श्यामपुर-चीला मार्ग और ज्वालापुर से रायवाला तक भी लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रूट डायवर्जन की व्यवस्था होने के बावजूद जाम से राहत नहीं मिल सकी।
इन हालातों ने आगामी कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस योजना नहीं बनाई गई, तो भविष्य में हालात और गंभीर हो सकते हैं।



