‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ की तैयारी में भारत, भविष्य की जंग के लिए तीनों सेनाएं हो रहीं सशक्त: सेना प्रमुख

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा है कि भारत भविष्य की चुनौतियों और संभावित खतरों को देखते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के लिए तैयारियों को मजबूत कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना, नौसेना और वायुसेना मिलकर आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप अपनी क्षमताओं को लगातार बढ़ा रही हैं।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान समय में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में भारतीय सशस्त्र बल केवल पारंपरिक सैन्य ताकत पर ही नहीं, बल्कि तकनीक, साइबर क्षमताओं, सूचना युद्ध और संयुक्त सैन्य अभियानों पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और एकीकृत संचालन भविष्य की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सेना प्रमुख ने यह भी संकेत दिया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की रणनीतिक सोच अभी भी जारी है और देश की सुरक्षा के प्रति किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना और बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप खुद को तैयार रखना है।
हाल के वर्षों में भारतीय सेना ने आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा तकनीकों, ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस पर विशेष जोर दिया है। सेना प्रमुख के अनुसार, भविष्य के युद्धों को देखते हुए सशस्त्र बलों को अधिक तकनीक-सक्षम और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति के रूप में विकसित किया जा रहा है।



