उत्तराखंड में वनाग्नि ने बढ़ाई चिंता, राज्य में जंगल की आग की घटनाएं 500 के पार

उत्तराखंड में जंगल की आग की घटनाओं ने इस साल गंभीर रूप ले लिया है। राज्य में वनाग्नि की घटनाओं का आंकड़ा 500 के पार पहुंच गया है, जिससे वन विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। लगातार बढ़ती आग की घटनाओं से जंगलों, वन्यजीवों और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र के कई जिलों में जंगल धधक रहे हैं। खासतौर पर चमोली, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में वनाग्नि की घटनाएं तेजी से सामने आई हैं। कई जगहों पर आग आबादी वाले इलाकों और गांवों के करीब तक पहुंच गई, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया है।
वन विभाग की टीमें लगातार आग बुझाने में जुटी हुई हैं। कई इलाकों में कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि गर्म मौसम, सूखी वनस्पति और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और कम बारिश की वजह से उत्तराखंड में वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जंगलों में लगी आग से जैव विविधता, वन संपदा और पर्यटन पर भी असर पड़ रहा है। साथ ही धुएं के कारण कई क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता खराब होने लगी है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जंगलों में आग लगाने जैसी गतिविधियों से बचें और किसी भी आग की सूचना तुरंत वन विभाग या प्रशासन को दें। राज्य सरकार भी वनाग्नि रोकने के लिए अतिरिक्त संसाधन और तकनीकी सहायता बढ़ाने पर काम कर रही है।



