बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बढ़ी बाघों की दहाड़: घास के मैदानों के विस्तार और बेहतर आवास प्रबंधन से 70 के पार पहुंच सकती है संख्या

पश्चिम चंपारण: बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वन विभाग के अनुसार, बेहतर आवास प्रबंधन, घास के मैदानों (ग्रासलैंड) के विस्तार और शाकाहारी वन्यजीवों की बढ़ती संख्या के कारण रिजर्व में बाघों की आबादी जल्द ही 70 के पार पहुंच सकती है।
अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 2018 में वीटीआर में बाघों की संख्या 31 थी, जो 2022 की गणना में बढ़कर 54 हो गई। अब संरक्षण प्रयासों और बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र के चलते बाघों की संख्या में और वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं।
वन विभाग ने रिजर्व में घास के मैदानों का दायरा बढ़ाने, अनुपयोगी खरपतवार हटाने और हिरण, चीतल व सांभर जैसे शाकाहारी जीवों के लिए बेहतर आवास तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया है। इससे बाघों के लिए प्राकृतिक शिकार की उपलब्धता बढ़ी है और उनका जंगल से बाहर भटकाव भी कम हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या बिहार में वन्यजीव संरक्षण की बड़ी सफलता है और यह स्वस्थ एवं संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का सकारात्मक संकेत भी है।



