केतन लाल हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने टिहरी जाने से रोका

उत्तराखंड के टिहरी जिले में चर्चित केतन लाल हत्याकांड को लेकर सोमवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे भीम आर्मी जय भीम संगठन के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए कार्यकर्ताओं को प्रतापनगर क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी।
जानकारी के अनुसार, संगठन के सदस्य देवल गांव में मृतक केतन लाल के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने के समर्थन में पहुंचना चाहते थे। हालांकि, नरेंद्रनगर बाईपास पर पुलिस, आईटीबीपी, होमगार्ड और अग्निशमन विभाग के जवानों की तैनाती कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने मौके पर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
भीम आर्मी जय भीम संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि घटना को तीन सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिली है और पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता भी उपलब्ध नहीं कराई गई। संगठन ने कहा कि उनकी मुख्य मांग केतन लाल के परिवार को शीघ्र न्याय दिलाना है।
वहीं, टिहरी के उपजिलाधिकारी आशीष चंद्र घिल्डियाल ने कहा कि क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है। किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या से बचने के लिए कार्यकर्ताओं को आगे जाने से रोका गया है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि प्रतापनगर ब्लॉक के देवल गांव में 18 वर्षीय अनुसूचित जाति के युवक केतन लाल की कथित तौर पर ऊंची जाति के कुछ लोगों द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई थी, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद से यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है और विभिन्न सामाजिक संगठन पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।



