पर्यटन को बढ़ावा देने की नई पहल: उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में एक वर्षीय होम-स्टे मैनेजमेंट डिप्लोमा शुरू

उत्तराखंड में पर्यटन और स्वरोजगार को नई दिशा देने के उद्देश्य से उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) ने एक वर्षीय होम-स्टे मैनेजमेंट डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के युवाओं, महिलाओं और होम-स्टे संचालकों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर पर्यटन उद्योग से जोड़ना है, ताकि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण होम-स्टे सेवाओं को बढ़ावा मिल सके।
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस डिप्लोमा पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को होम-स्टे संचालन, अतिथि सत्कार (हॉस्पिटैलिटी), पर्यटन प्रबंधन, स्वच्छता, ऑनलाइन बुकिंग, ग्राहक सेवा, स्थानीय संस्कृति और उद्यमिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रशिक्षित युवा अपने गांव या शहर में बेहतर तरीके से होम-स्टे संचालित कर सकें और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकें।
उत्तराखंड सरकार लगातार राज्य में होम-स्टे आधारित पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। चारधाम यात्रा, एडवेंचर टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय का यह डिप्लोमा पाठ्यक्रम पर्यटन क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि जुलाई 2026 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह पाठ्यक्रम स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के साथ-साथ उत्तराखंड की पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।



