उत्तराखंड: 20 साल बाद संशोधित होगी एलटी शिक्षकों की वरिष्ठता, विभाग ने अंतिम सूची तैयार करने के दिए निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड के माध्यमिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित एलटी (प्रशिक्षित स्नातक) शिक्षकों की वरिष्ठता का मामला अब सुलझने की ओर बढ़ गया है। करीब 20 वर्षों बाद एलटी शिक्षकों की वरिष्ठता सूची संशोधित की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के अपर शिक्षा निदेशकों को अंतिम वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
विभाग के निर्देशों के अनुसार वर्ष 1992 से 1996 के बीच नियुक्त एलटी शिक्षकों की वरिष्ठता का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। यह कार्रवाई शासन के पूर्व आदेशों और न्यायिक प्रक्रिया के अनुपालन में की जा रही है। संशोधित वरिष्ठता सूची तैयार होने के बाद लंबे समय से लंबित पदोन्नति और अन्य सेवा संबंधी मामलों का रास्ता भी साफ होने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2005 में सीटी संवर्ग के कुछ शिक्षकों को समय से पहले वरिष्ठता लाभ दिए जाने के कारण आयोग से चयनित एलटी शिक्षकों की वरिष्ठता प्रभावित हुई थी। इसके चलते बड़ी संख्या में शिक्षक वर्षों तक पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों से वंचित रहे। अब विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के अनुसार ही वरिष्ठता निर्धारित की जाएगी और पात्र एलटी शिक्षकों के अधिकार बहाल किए जाएंगे।
शिक्षक संगठनों ने विभाग के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे लंबे संघर्ष के बाद मिली राहत बताया है। उनका कहना है कि संशोधित वरिष्ठता सूची जारी होने से पदोन्नतियों की प्रक्रिया में तेजी आएगी और वर्षों से लंबित विवाद समाप्त होने की उम्मीद है।



