देश

तिरुपति की पहली आरती पर विवाद: कर्नाटक सरकार के प्रस्ताव से मचा बवाल, टीटीडी बोर्ड ने जताई कड़ी आपत्ति

Listen to this News

नई दिल्ली। तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में होने वाली पहली आरती (नित्य आरती) को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कर्नाटक सरकार द्वारा राज्य के जनप्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को पहली आरती में शामिल होने का अवसर देने संबंधी प्रस्ताव पर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) बोर्ड ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस मुद्दे पर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

मामला तब शुरू हुआ जब कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से पहली आरती का विशेषाधिकार कर्नाटक से जुड़ा रहा है और सरकार इस पर एक प्रोटोकॉल तैयार करेगी, ताकि राज्य के मंत्री, विधायक, न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि तिरुपति दर्शन के दौरान इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर की परंपराओं में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

हालांकि, टीटीडी बोर्ड के सदस्य जी. भानुप्रकाश रेड्डी ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि पहली आरती से जुड़ी परंपरा ऐतिहासिक है और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह का प्रस्ताव स्वीकार किया गया तो अन्य राज्यों की ओर से भी ऐसी मांगें उठ सकती हैं। टीटीडी बोर्ड ने इस प्रस्ताव का विरोध करने की बात कही है।

इस विवाद के बाद विपक्षी दलों और कई धार्मिक संगठनों ने भी कर्नाटक सरकार के प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तिरुमला मंदिर की परंपराओं और धार्मिक व्यवस्थाओं में किसी भी तरह का बदलाव सभी पक्षों से व्यापक चर्चा के बाद ही किया जाना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button