उत्तराखंड: सीमा विवाद पर भारत-नेपाल के शीर्ष अधिकारी करेंगे मंथन, देहरादून में दो दिवसीय बैठक 19-20 अगस्त को

देहरादून: भारत और नेपाल के बीच सीमा से जुड़े विवादों और संवेदनशील मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी देहरादून में दो दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। यह बैठक 19 और 20 अगस्त को प्रस्तावित है। इसमें सीमा विवाद के साथ-साथ लिपुलेख दर्रे के जरिए भारत-चीन के बीच होने वाले व्यापार को लेकर नेपाल के रुख पर भी चर्चा होने की संभावना है।
बैठक में शामिल होने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों का दल देहरादून पहुंच रहा है। इसमें विदेश सेवा से जुड़े कुछ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। वहीं, नेपाल की ओर से भी अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए देहरादून पहुंचेगा। दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण मुद्दों का समाधान तलाशने और आपसी विश्वास मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होगी।
सीमा विवाद सुलझाने में तकनीक पर जोर
इससे पहले 14 अगस्त को लखनऊ में भारत और नेपाल के शीर्ष अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें सीमा संबंधी विवादों के समाधान के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर सहमति बनी थी। दोनों देशों के बीच बहने वाली नदियों के मार्ग में प्राकृतिक बदलाव के कारण कई बार सीमा को लेकर असहमति की स्थिति सामने आती रही है। ऐसे विवादों को कम करने के लिए तकनीकी माध्यमों के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।
लिपुलेख व्यापार को लेकर नेपाल ने जताया विरोध
भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद को लेकर पिछले कुछ समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। नेपाल की ओर से भारत के कुछ हिस्सों पर दावा किए जाने के साथ विवादित नक्शों को नेपाली मुद्रा पर प्रदर्शित करने का मामला भी सामने आया था।
वहीं, भारत और चीन के बीच लिपुलेख दर्रे के माध्यम से व्यापार बढ़ाने के निर्णय पर भी नेपाल ने आपत्ति जताई थी। माना जा रहा है कि देहरादून में होने वाली बैठक में दोनों पक्ष इन मुद्दों पर चर्चा कर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे।
भारतीय सेना प्रमुख भी नेपाल दौरे पर
भारत-नेपाल संबंधों के लिहाज से यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ 17 से 19 अगस्त तक नेपाल की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। इस दौरान वह नेपाली सैन्य अधिकारियों के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करने और दोनों देशों के पुराने सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने को लेकर चर्चा करेंगे।
देहरादून में होने वाली उच्चस्तरीय वार्ता को दोनों देशों के बीच सीमा संबंधी मतभेद कम करने और आपसी विश्वास बहाली की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।



