उत्तराखंड मौसम: दून और बागेश्वर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, 124 सड़कें बंद; नदियां खतरे के करीब

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून और बागेश्वर के कुछ इलाकों में भारी से मूसलाधार बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, प्रदेश के कई अन्य जिलों में तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट है।
मौसम विभाग के अनुसार, 24 अगस्त तक प्रदेश में मौसम का मिजाज इसी तरह बने रहने की संभावना है। पौड़ी, चमोली, चंपावत, टिहरी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के कुछ इलाकों में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश और भूस्खलन से 124 सड़कें बंद
लगातार बारिश के कारण प्रदेश में सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। बारिश और भूस्खलन के चलते 124 सड़कें बंद हैं। इनमें सबसे अधिक 92 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं।
जिलेवार स्थिति की बात करें तो पिथौरागढ़ में 24, चमोली में 20, नैनीताल में 18, बागेश्वर में 11, देहरादून में 10, नई टिहरी में 10, पौड़ी में 10, उत्तरकाशी में 9, रुद्रप्रयाग में 8 और अल्मोड़ा में 4 सड़कें बंद हैं।
गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश के कारण पहाड़ से लेकर मैदान तक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर गया और भीमगोड़ा बैराज पर दोपहर 12 बजे गंगा 293.50 मीटर तक पहुंच गई। यह खतरे के निशान 294 मीटर से करीब आधा मीटर नीचे था।
ऋषिकेश में भी गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अलावा उत्तरकाशी में भागीरथी, चमोली में अलकनंदा, नंदाकिनी और पिंडर तथा पिथौरागढ़ में काली, गोरी और सरयू नदियां भी खतरे के स्तर के आसपास बह रही हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी मार्गों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।



