बीरोंखाल: बीमार पत्नी को छह घंटे पीठ पर लेकर चला पति, खड़ी चढ़ाई पार कर पहुंचाया अस्पताल

बीरोंखाल: पौड़ी जिले के बीरोंखाल क्षेत्र से पहाड़ों में स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं की बदहाल स्थिति की तस्वीर सामने आई है। सीली कमलिया गांव निवासी रोहित रावत अपनी बीमार पत्नी काजल को इलाज के लिए करीब छह घंटे तक कभी पीठ पर उठाकर तो कभी सहारा देकर पैदल ले गए।
सीली कमलिया गांव जोगीमढ़ी-सराईखेत मोटर मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर है। गांव तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता तय करना पड़ता है। वहीं, सबसे नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र भगवती तलिया भी करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर है। ऐसे में आपात स्थिति में ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती है।
रोहित के पिता बलबीर सिंह रावत के अनुसार, 15 अगस्त की सुबह काजल को तेज बुखार था और अचानक उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। गांव से सड़क तक पहुंचने का कोई साधन नहीं होने के कारण रोहित पत्नी को लेकर पैदल निकल पड़े। उन्होंने कभी काजल को कंधे पर उठाया और कभी सहारा देकर खड़ी चढ़ाई पार कराई।
करीब चार घंटे की पैदल यात्रा के बाद वे कठपतिया पहुंचे। वहां से मोटरसाइकिल की मदद से सराईखेत बाजार पहुंचे और काजल का उपचार कराया गया। इसके बाद बस से उसे दिल्ली ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
सड़क स्वीकृत, लेकिन निर्माण अब भी लंबित
ग्रामीणों के मुताबिक, गैरखाल से सीली कमलिया गांव तक करीब तीन किलोमीटर लंबी लिंक सड़क की स्वीकृति कई साल पहले हो चुकी है, लेकिन वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण सड़क का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है। सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को इलाज और जरूरी सामान के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है।
लोनिवि के अनुसार गैरखाल से सीली कमलिया तक 2.85 किलोमीटर सड़क स्वीकृत है और संबंधित फाइल जिलाधिकारी पौड़ी के पास भेजी गई है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



