महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज: बैडमिंटन कोच का पद एक महीने से खाली, तकनीकी प्रशिक्षण के बिना अभ्यास कर रहे खिलाड़ी

देहरादून। रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में बैडमिंटन खिलाड़ियों के सामने प्रशिक्षक की कमी बड़ी चुनौती बन गई है। कॉलेज में करीब एक महीने से बैडमिंटन कोच का पद खाली है। ऐसे में खिलाड़ी नियमित अभ्यास तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें तकनीक और मैच रणनीति की बारीकियां सिखाने वाला विशेषज्ञ प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं है।
फिटनेस अभ्यास हो रहा, तकनीकी प्रशिक्षण प्रभावित
कोच की अनुपस्थिति में खिलाड़ियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दौड़ और शारीरिक अभ्यास कराया जा रहा है। हालांकि बैडमिंटन तकनीकी खेल होने के कारण केवल फिटनेस अभ्यास पर्याप्त नहीं माना जाता। खिलाड़ियों को सर्विस, फुटवर्क, स्मैश, नेट प्ले और मैच के दौरान रणनीति जैसी बारीकियों के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण की जरूरत होती है।
लंबे समय तक प्रशिक्षक की कमी रहने से खिलाड़ियों के प्रदर्शन और प्रतियोगिताओं की तैयारी पर असर पड़ने की आशंका है। कॉलेज में खेल प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है, ऐसे में कोच का पद खाली होना खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
कॉलेज में आठ खेलों का प्रशिक्षण
महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज राज्य सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय है। यहां कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ निशुल्क खेल प्रशिक्षण दिया जाता है। कॉलेज में एथलेटिक्स, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बॉक्सिंग, क्रिकेट, हॉकी, जूडो और बैडमिंटन समेत आठ खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है।
जल्द होगी बैडमिंटन कोच की नियुक्ति
जिला क्रीड़ा अधिकारी शबाली गुरुंग ने बताया कि बैडमिंटन कोच ने कुछ समय पहले नौकरी छोड़ दी थी। कोच की नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की जा चुकी है और संबंधित औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही नए कोच की नियुक्ति कर दी जाएगी। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर न पड़े, इसके लिए अन्य सभी अभ्यास नियमित रूप से कराए जा रहे हैं और उनके सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।



