सुपौल: बाढ़ के बीच पशुओं के चारे का संकट, जान जोखिम में डालकर दियारा क्षेत्र से घास ला रहे ग्रामीण

सुपौल। बिहार के सुपौल जिले में कोसी नदी के दियारा क्षेत्र में बाढ़ ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी से घिरे इलाकों में पशुओं के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है। ऐसे में ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी के बीच से गुजरते हुए पशुओं के लिए चारा जुटाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के लिए पशुपालन आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। बाढ़ के कारण खेत और आसपास के इलाके पानी में डूबने से हरा चारा आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसके बावजूद पशुओं को पालने के लिए ग्रामीणों को रोजाना चारा जुटाने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
कई जगहों पर बाढ़ का पानी काफी गहरा है। ग्रामीण सिर पर चारे का बोझ लेकर पानी के बीच से निकलते नजर आ रहे हैं। इस दौरान जरा सी लापरवाही या तेज बहाव हादसे का कारण बन सकती है।
बाढ़ ने बढ़ाई ग्रामीणों की परेशानी
कोसी नदी के दियारा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित कर दी है। आवागमन से लेकर पशुओं के चारे तक की व्यवस्था चुनौती बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं को भूखा नहीं रखा जा सकता, इसलिए जोखिम उठाकर भी चारा लाना उनकी मजबूरी है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार बदलती जलस्तर की स्थिति के बीच ग्रामीणों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव व्यवस्था के बीच ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।



