उत्तराखंड

देहरादून: फर्जी दस्तावेज और पासपोर्ट मामले में आचार्य बालकृष्ण बरी, सीबीआई कोर्ट ने सुनाया फैसला

Listen to this News

देहरादून की सीबीआई अदालत ने पतंजलि योगपीठ के महामंत्री और बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण से जुड़े करीब डेढ़ दशक पुराने फर्जी दस्तावेज और पासपोर्ट मामले में सोमवार को फैसला सुनाया। अदालत ने आचार्य बालकृष्ण को मामले में बरी कर दिया।

मामला भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के आरोपों से जुड़ा था। सीबीआई के अनुसार, आचार्य बालकृष्ण ने पासपोर्ट बनवाने के लिए बरेली स्थित पासपोर्ट कार्यालय में खुर्जा के एक संस्कृत महाविद्यालय से जुड़े कथित फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे।

इस मामले में उनके खिलाफ आपराधिक धाराओं के साथ पासपोर्ट अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई थी। मामला लंबे समय से अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को सीबीआई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए आचार्य बालकृष्ण को बरी कर दिया।

करीब डेढ़ दशक पुराने इस मामले के फैसले पर सभी की नजरें थीं। अदालत के निर्णय के बाद मामले में आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही समाप्त हो गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button