सत्य निकेतन हादसा: पुलिस-एनडीआरएफ से पहले पहुंची Blinkit की एंबुलेंस, मलबे में फंसे छात्रों ने ऐप से मांगी थी मदद

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को इमारत गिरने के बाद राहत-बचाव अभियान के बीच Blinkit की एंबुलेंस के घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने की जानकारी सामने आई है। मलबे में फंसे छात्रों ने मदद के लिए अपने दोस्तों और Blinkit के जरिए संपर्क किया था। कंपनी के कर्मचारियों के मुताबिक, एंबुलेंस सफदरजंग अस्पताल में तैनात थी और सूचना मिलने के कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गई।
Blinkit की कर्मचारी श्रुति ने बताया कि हादसे के बाद पहला कॉल उनकी टीम को मिला था। वहीं, कंपनी की क्लस्टर मैनेजर अर्चना सुरमा के अनुसार, करीब 1:40 बजे लोकेशन के लिए पहला कॉल आया और एंबुलेंस लगभग 1:50 बजे घटनास्थल पर पहुंच गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग किया।
ऑक्सीजन सिलेंडर भी मंगाए गए
इमारत के मलबे में कई लोगों के फंसे होने की सूचना के बाद स्थानीय लोगों ने भी Blinkit के जरिए ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाए। इनका इस्तेमाल बचाव अभियान के दौरान मलबे में फंसे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए किया गया।
सत्य निकेतन में रविवार दोपहर एक बहुमंजिला इमारत ढह गई थी। हादसे के बाद दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों ने बड़े स्तर पर राहत-बचाव अभियान शुरू किया। सोमवार तक हादसे में छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि कई लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया।
प्रारंभिक जांच में इमारत में चल रहे निर्माण या मरम्मत कार्य और बेसमेंट में हो रही खुदाई को संभावित कारणों में शामिल किया गया है। दिल्ली सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।



