समस्तीपुर में ‘भौकाली मैडम’ के शराब नेटवर्क की खुलेगी कुंडली, IPS वीणा कुमारी करेंगी जांच

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर में ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच से विदेशी शराब बरामद होने के मामले में अब पुलिस ने कथित तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू कर दी है। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी आईपीएस अधिकारी वीणा कुमारी को सौंपी गई है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की खेप कहां से आई, इसे किसके निर्देश पर लाया गया और बिहार में इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी।
फर्स्ट एसी कोच से मिली थी 75 लीटर शराब
मामला स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच का है। समस्तीपुर जंक्शन पर आरपीएफ, जीआरपी और सीआईबी की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर कूपे की तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद होने के बाद नेहा कुमारी उर्फ नेहा झा और ईशान कुमार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, शराब की कीमत करीब 1.5 लाख रुपये बताई गई है।
दरभंगा कनेक्शन की भी जांच
पूछताछ में शराब की खेप को दरभंगा ले जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस अब इस कनेक्शन को भी खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि शराब की सप्लाई किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
मोबाइल और वाट्सऐप चैट की होगी जांच
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल और वाट्सऐप चैट के जरिये संभावित सप्लायर, खरीदार और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं या नहीं।
परिवार के पुराने मामलों की भी पड़ताल
जांच के दौरान नेहा के परिवार से जुड़े पुराने शराब मामलों की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, उसके पिता और बहन के खिलाफ पहले शराब से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं। हालांकि, परिवार के किसी सदस्य के पुराने मामले के आधार पर नेहा की संलिप्तता स्वतः साबित नहीं होती। मौजूदा मामले में पुलिस बरामद शराब और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
फर्स्ट एसी से तस्करी क्यों, पुलिस तलाश रही जवाब
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि शराब की खेप ले जाने के लिए फर्स्ट एसी कोच का इस्तेमाल क्यों किया गया। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या महंगे और अपेक्षाकृत कम भीड़ वाले कोच के जरिये सामान्य जांच से बचने की कोशिश की गई थी। अब एसआईटी कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने लाने में जुटी है।



