हनुमान अंश: विशाल चतुर्वेदी ने खोले फिल्म से जुड़े कई राज, बोले- नई पीढ़ी अध्यात्म को समझ रही है

देहरादून। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के लेखक-निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी इन दिनों फिल्म की सफलता और दर्शकों की प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में वह फिल्म से जुड़े कलाकारों सौभिनव, पूर्णिमा तिवारी और गीतकार-गायक सत्या तिवारी के साथ देहरादून पहुंचे। इस दौरान उन्होंने फिल्म, नई पीढ़ी और अध्यात्म से जुड़े कई अनुभव साझा किए।
विशाल चतुर्वेदी के अनुसार करीब दो करोड़ रुपये की लागत में बनी ‘हनुमान अंश’ ने 100 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा छुआ है। उनका कहना है कि फिल्म को अलग-अलग आयु वर्ग, धर्म और क्षेत्रों के लोगों का समर्थन मिला है। फिल्म के गीत भी बच्चों और युवाओं के बीच लोकप्रिय हुए हैं और सोशल मीडिया पर इन पर रील बनाई जा रही हैं।
फिल्म में पूरी हनुमान चालीसा को शामिल करने के सवाल पर विशाल चतुर्वेदी ने इसे महाराज जी का प्रसाद बताया। उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान कई तरह की अड़चनें आईं। पहले दिन महाराज जी का किरदार निभाने वाले कलाकार के बीमार पड़ने और अगले दिन कैमरा रोल नहीं होने जैसी परेशानियां सामने आईं। इसके बाद पूरी टीम ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और शूटिंग आगे बढ़ी। उन्होंने बताया कि जब भी काम में रुकावट आई, टीम ने चालीसा का पाठ किया।
बाबा नीब करौरी महाराज का किरदार निभाने वाले सौभिनव ने बताया कि उनके लिए यह भूमिका किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि शायद बाबा की ही इच्छा थी कि वह यह किरदार निभाएं। उनके अनुसार उन्होंने करीब आठ साल पहले मांसाहार छोड़ दिया था और हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया था।
विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि बाबा नीब करौरी पर फिल्म बनाने का विचार उत्तराखंड में उनके अनुभव से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में तैनाती के दौरान पहाड़ों में घूमते समय एक घटना ने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया। बारिश और घने कोहरे के बीच अचानक मौसम साफ हुआ और वे एक मंदिर के सामने पहुंचे। इस अनुभव के बाद उन्होंने महाराज जी के जीवन और व्यक्तित्व को समझने की कोशिश शुरू की।
फिल्म की शूटिंग वास्तविक लोकेशन पर गांवों और खेत-खलिहानों में की गई। विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि एक दृश्य के दौरान, जब बाबा जी हनुमान जी की मूर्ति स्थापित कर रहे थे, अचानक एक लंगूर वहां आकर मूर्ति के ऊपर बैठ गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 10 वर्षों से उस स्थान पर बंदर नहीं आया था।
फिल्म में बाबा जी की पत्नी रामबेटी का किरदार निभाने वालीं पूर्णिमा तिवारी ने इसे अपने लिए सौभाग्य बताया। वहीं सत्या तिवारी ने कहा कि फिल्म के गीतों, खासकर ‘पार्वती’ गीत को बच्चों और दर्शकों से मिली प्रतिक्रिया ने उन्हें बेहद उत्साहित किया है।



