किशाऊ बांध बनेगा भारत का दूसरा सबसे ऊंचा बांध, 232 मीटर होगी ऊंचाई

टिहरी बांध के बाद देश में दूसरा सबसे ऊंचा होगा किशाऊ बांध, एशिया में 11वें स्थान पर होगा
देहरादून। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर टोंस नदी पर प्रस्तावित किशाऊ बांध देश का दूसरा सबसे ऊंचा बांध बनने जा रहा है। बांध की ऊंचाई 232 मीटर प्रस्तावित है। इसके निर्माण के बाद यह भारत में टिहरी बांध के बाद दूसरे स्थान पर होगा। वहीं, एशिया के ऊंचे बांधों में इसे 11वें स्थान पर रखा जाएगा।
छह राज्यों को मिलेगा लाभ
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली को लाभ मिलेगा। परियोजना का उद्देश्य जल भंडारण, सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और बिजली उत्पादन को बढ़ावा देना है।
422 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य
किशाऊ परियोजना के तहत 422 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना है। बांध में जल भंडारण से यमुना नदी बेसिन में पानी की उपलब्धता को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। दिल्ली समेत संबंधित राज्यों में पेयजल और सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाएगा।
टोंस नदी पर बनेगा बांध
किशाऊ बांध टोंस नदी पर बनाया जाएगा। टोंस नदी यमुना की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है और इस क्षेत्र में उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश के बीच सीमा का काम करती है।
लंबे समय से लंबित है परियोजना
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना लंबे समय से लंबित है। जल बंटवारे और परियोजना से जुड़े विभिन्न मुद्दों के कारण इसके क्रियान्वयन में देरी हुई है। अब छह राज्यों के बीच समझौते के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रगति हुई है।



