उत्तराखंड: स्वीकृत नक्शा हटाकर पोर्टल पर अपलोड किया दूसरा मैप, एई को नोटिस; जांच में नियमों की अनदेखी भी सामने आई

देहरादून। टिहरी जिला विकास प्राधिकरण में एक व्यावसायिक भवन के स्वीकृत नक्शे को बदलकर उसकी जगह दूसरा नक्शा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए जाने का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की गोपनीय जांच के बाद प्राधिकरण ने मामले में सहायक अभियंता पंकज पाठक को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।
जांच के अनुसार, व्यावसायिक भवन का नक्शा छह अप्रैल को सक्षम स्तर से स्वीकृत किया गया था। आरोप है कि 30 जून को ऑनलाइन पोर्टल से मूल नक्शा हटाकर उसकी जगह दूसरा नक्शा अपलोड कर दिया गया। प्राधिकरण के नोटिस में इसे सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना प्रक्रिया आगे बढ़ाने और दस्तावेजों में कथित हेरफेर का मामला बताया गया है।
मूल नक्शे पर भी उठे सवाल
जांच में यह भी सामने आया कि छह अप्रैल को स्वीकृत मूल मानचित्र में भवन उपविधि, 2011 (संशोधित-2024) के प्रावधानों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था। इसमें स्टिल्ट पार्किंग और बेसमेंट से जुड़े अनिवार्य प्रावधानों की अनदेखी का उल्लेख किया गया है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अपर आवास आयुक्त दिनेश प्रताप सिंह ने नोटिस में कहा है कि यदि तीन दिन में संतोषजनक और अभिलेखीय साक्ष्यों पर आधारित जवाब नहीं मिलता है तो उत्तराखंड सरकारी सेवा नियमावली के तहत अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी।
इस मामले में सहायक अभियंता और भवन स्वामी की कथित मिलीभगत की भी जांच में बात सामने आई है। हालांकि, संबंधित अभियंता ने बाद में अपने स्पष्टीकरण में नक्शे में किसी तरह की कूटरचना से इनकार किया और कहा कि पीडीएफ सपोर्ट न करने के कारण आपत्ति के बाद फाइल दोबारा अपलोड की गई थी।



