उत्तराखंड: अशासकीय महाविद्यालयों में अब UKPSC से होगी असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती, एक्ट में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार

देहरादून। उत्तराखंड के अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी है। सरकार अब इन कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति राज्य लोक सेवा आयोग (UKPSC) के माध्यम से कराने की तैयारी कर रही है। इसके लिए संबंधित एक्ट में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार, प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट में रखा जाएगा।
वर्तमान में अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती प्रबंधन तंत्र के माध्यम से होती है। चयन समिति में सरकार, विश्वविद्यालय, प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ विषय विशेषज्ञ शामिल होते हैं। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया को लेकर समय-समय पर अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, हरिद्वार के कुछ अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों से बड़ी रकम लिए जाने की शिकायतें भी मिली हैं। इन शिकायतों के बाद कई बार भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई गई है। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट के बाद एक्ट में संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
राज्य में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालय
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में प्रस्तावित बदलाव प्रदेश के सभी 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों पर लागू होगा। इनमें देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज, डीबीएस कॉलेज, एमकेपी कॉलेज और एसजीआरआर कॉलेज समेत अन्य संस्थान शामिल हैं। कुछ कॉलेज एचएनबी केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं, जबकि अन्य गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध हैं।
सरकारी कॉलेजों की तर्ज पर होगी भर्ती
प्रदेश के 118 राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती पहले से ही राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती है। अब सरकार अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों की भर्ती प्रक्रिया को भी इसी व्यवस्था के तहत लाने की तैयारी कर रही है।



