
चंडीगढ़ के फैदां गांव से गुजरने वाले गंदे नाले में विशेष बैक्टीरिया यानी माइक्रोबियल कंसोर्टियम डालकर सीवर साफ करने की योजना बनाई गई है। नगर निगम ने इसके लिए मुंबई में इस्तेमाल की गई ‘इन-सीटू’ वेस्टवाटर ट्रीटमेंट तकनीक को अपनाने का फैसला किया है।
इस तकनीक से फैदां गांव के करीब 300 परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। इन घरों से निकलने वाला सीवेज सीधे खुले नाले में गिर रहा था। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की सख्ती के बाद ग्रामीणों को सीवेज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे और मकानों पर कार्रवाई का खतरा भी बना हुआ था।
नई व्यवस्था में बहते गंदे पानी में विशेष सूक्ष्मजीवों का मिश्रण डाला जाएगा, जो जैविक गंदगी और प्रदूषकों को कम करने में मदद करेंगे। नाले पर फ्लो मीटर, सीसीटीवी कैमरे और डेटा लॉगर लगाए जाएंगे, जबकि पानी की गुणवत्ता की नियमित लैब जांच भी की जाएगी।
नगर निगम ने इस परियोजना के लिए ‘परफॉर्मेंस बेस्ड कॉन्ट्रैक्ट’ का प्रावधान रखा है। इसके तहत कंपनी द्वारा तकनीक की क्षमता साबित करने और पानी को NGT के निर्धारित मानकों के अनुरूप लाने के बाद ही भुगतान किया जाएगा। फैदां ड्रेन से प्रतिदिन करीब 50 से 70 एमएलडी सीवेज निकलता है।



