
चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में कैशियर जानकीदास की हत्या के मामले में पुलिस ने 500 से अधिक पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। चार्जशीट में हत्या की साजिश, हथियारों की सप्लाई और शूटरों के चंडीगढ़ पहुंचने से लेकर वारदात को अंजाम देने तक की कड़ियों का उल्लेख किया गया है।
पुलिस के अनुसार, विदेश में बैठे राणा ढिल्लों और गोल्डी ढिल्लों ने हत्या की साजिश रची थी। शूटर सन्नी मेहरा और अमित उर्फ शराबी को तरनतारन में हथियार उपलब्ध कराए गए थे। जांच में जर्मनी में रहने वाले सुमन नाम के व्यक्ति का भी जिक्र सामने आया है, जिसे हथियार और ड्रग्स की सप्लाई से जुड़ा बताया गया है।
चार्जशीट के मुताबिक, जर्मनी से पहुंचाए गए हथियारों में तुर्की मेड जिगाना पिस्टल और .30 बोर की पिस्टल शामिल थी। इसके बाद तरनतारन में गुरमीत उर्फ बादशाह के घर पर हथियारों की टेस्ट फायरिंग की गई। शूटरों को हथियारों के साथ 50 हजार रुपये दिए जाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, 13 जून को शूटर चंडीगढ़ के सेक्टर-11 पहुंचे और श्री कुमार केमिस्ट शॉप में कैशियर जानकीदास पर गोलियां चला दीं। इस हमले में जानकीदास की मौत हो गई थी। मामले की जांच में हथियार, ड्रग्स और नकली भारतीय मुद्रा से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां भी सामने आने की बात पुलिस ने कही है।



