
एम्स किच्छा सेटेलाइट सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने और कथित तौर पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने के मामले में अदालत ने पांचवें आरोपी दीपक गुसाईं की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी है। इससे पहले चार अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी खारिज हो चुकी हैं।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद कुमार बर्मन की अदालत में आरोपी की ओर से जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया था। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि आरोपियों ने एम्स के किच्छा स्थित सेटेलाइट सेंटर में भर्ती के नाम पर अभ्यर्थियों से रकम ली और उन्हें कथित रूप से फर्जी नियुक्ति पत्र दिए।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी से कथित फर्जी भर्ती के नाम पर ली गई दो लाख रुपये की रकम भी बरामद की गई है। अदालत ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध दस्तावेजों को देखते हुए जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं माना और अर्जी खारिज कर दी।
इस मामले में सुब्रत बछाड़, दीपना हलदार, दीपांशु मंडल और गणेश निसार की जमानत अर्जियां पहले ही खारिज हो चुकी हैं। पुलिस ने पांचों आरोपियों को 17 सितंबर को गिरफ्तार किया था।



