
उत्तराखंड में प्राकृतिक गर्मपानी के स्रोतों को पर्यटन के नए आकर्षण के रूप में विकसित करने की तैयारी है। पहले चरण में पिथौरागढ़ जिले के मदकोट में जियो थर्मल स्प्रिंग पर पर्यटकों के लिए स्नान की सुविधा विकसित करने की योजना बनाई गई है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, मदकोट में पर्यटकों के ठहरने के लिए कॉटेज भी बनाए जाएंगे। जियो थर्मल स्प्रिंग के गर्म पानी से स्नान की सुविधा के लिए महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग स्थान विकसित किए जाएंगे। योजना शुरू करने से पहले पानी में मौजूद तत्वों और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तराखंड में करीब 40 जियो थर्मल स्प्रिंग चिह्नित किए गए हैं। पिथौरागढ़ में गोरी नदी के समानांतर करीब 13 किलोमीटर क्षेत्र में जियो थर्मल स्प्रिंग बेल्ट है, जहां 10 गर्मपानी के स्रोत मौजूद हैं। इनके पानी का उपयोग बेलोनो थेरेपी, कृषि और अन्य कार्यों में किया जा सकता है।
अधिकारियों के मुताबिक, मदकोट की योजना के परिणाम उत्साहजनक रहे तो राज्य के अन्य गर्मपानी के स्रोतों पर भी ऐसी पर्यटन सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।



