
उत्तराखंड में खुले बाजार यानी ओपन एक्सेस के जरिए बिजली खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी हो जाएगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने यूपीसीएल की याचिका पर फैसला सुनाते हुए ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं पर 67 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त अधिभार लगाने का आदेश दिया है। नई दरें छह महीने के लिए लागू रहेंगी।
यूपीसीएल ने आयोग के समक्ष 88 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त अधिभार लगाने का प्रस्ताव रखा था। यूपीसीएल के अनुसार, अक्तूबर 2025 से मार्च 2026 के दौरान ओपन एक्सेस के कारण करीब 32.49 करोड़ यूनिट बिजली अप्रयुक्त रही और छह संयंत्रों की फिक्स्ड लागत 37.91 करोड़ रुपये रही।
आयोग ने आंकड़ों की समीक्षा के बाद अप्रयुक्त बिजली की मात्रा 27.97 करोड़ यूनिट और संबंधित फिक्स्ड लागत 34.26 करोड़ रुपये आंकी। तकनीकी नुकसान को समायोजित करने के बाद आयोग ने 67 पैसे प्रति यूनिट का अधिभार निर्धारित किया।
इस फैसले से सीधे बाजार से बिजली खरीदने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं की लागत बढ़ेगी। उद्योग संगठनों ने अधिभार को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन आयोग ने इन्हें खारिज करते हुए कहा कि नियमों के तहत ओपन एक्सेस लेने वाले सभी उपभोक्ता अतिरिक्त अधिभार के दायरे में आते हैं।



