
हरिद्वार: राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में मां से बिछड़े दो नन्हे हाथी अब एक-दूसरे का सहारा बन गए हैं। करीब दस महीने पहले अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी माताओं से बिछड़े अभय और विराट अब साथ रहकर स्वस्थ हो रहे हैं।
श्यामपुर क्षेत्र में एक शिशु हाथी को जन्म के तुरंत बाद उसकी मां ने छोड़ दिया था, जबकि दूसरा हाथी लच्छीवाला के पास जंगल में अपनी मां से बिछड़ गया था। कम उम्र में माताओं से अलग होने के बाद दोनों के लिए जीवित रहना चुनौतीपूर्ण था। वन विभाग के अनुसार, ऐसे मामलों में शिशु हाथियों का मां के बिना बच पाना बेहद दुर्लभ होता है।
श्यामपुर से मिले हाथी का नाम अभय और लच्छीवाला से मिले हाथी का नाम विराट रखा गया है। दोनों को प्यार से छुटकू और अभयराज भी बुलाया जाता है। अब दोनों साथ खाना-पीना, खेलना और समय बिताना पसंद करते हैं। उनकी दोस्ती चीला रेंज में आने वाले लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
राजाजी टाइगर रिजर्व के वार्डन विजय सैनी के मुताबिक, दोनों गज शिशुओं की बच्चों की तरह देखभाल की जा रही है और फिलहाल उन्हें केवल दूध दिया जा रहा है। वन विभाग उनकी परवरिश में विशेष सावधानी बरत रहा है।
वन विभाग ने दोनों हाथियों की फोटो और वीडियो बनाने की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद अभय और विराट की कहानी चीला रेंज में उनकी मासूम दोस्ती और संघर्ष के कारण लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।



