ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय वायुसेना की बढ़ेगी ताकत, बड़ी संख्या में ‘मेटेओर’ मिसाइलें खरीदने की तैयारी

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान पर किए गए सफल ऑपरेशन सिंदूर ने देश की हवाई शक्ति का दम दुनिया को दिखा दिया था। अब भारतीय वायुसेना अपनी मारक क्षमता को और मजबूत करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, एयरफोर्स जल्द ही बड़ी संख्या में यूरोपीय ‘मेटेओर’ एयर-टू-एयर मिसाइलों की खरीद को अंतिम रूप दे सकती है।
रैमजेट तकनीक वाली ये मिसाइलें लंबी दूरी से तेज रफ्तार पर सटीक वार करने में सक्षम हैं। विशेषज्ञ इन्हें BVR (बियॉन्ड विजुअल रेंज) कॉम्बैट में दुनिया की सबसे घातक मिसाइलों में गिनते हैं, जो “पहला वार, पहली जीत” की रणनीति पर काम करती हैं।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, MBDA कंपनी से मेटेओर मिसाइलों का डील प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय की अंतिम मंजूरी का इंतज़ार कर रहा है। उम्मीद है कि उच्चस्तरीय बैठक में इस पर हरी झंडी मिल जाएगी।
पहले से राफेल में तैनात मेटेओर मिसाइलें:
भारत ने 2016 में फ्रांस से लिए गए 36 राफेल फाइटर जेट्स पर पहले ही मेटेओर मिसाइलों की तैनाती कर रखी है।
इसके साथ ही भारतीय नौसेना के लिए आदेशित 26 राफेल-मरीन विमान भी इन मिसाइलों से लैस होकर आएंगे।
ऑपरेशन सिंदूर में मेटेओर ने दिखाई ताकत:
मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान
>भारतीय लड़ाकू विमानों ने लंबी दूरी से आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया
>पाकिस्तान ने चीनी PL-15 मिसाइलों से जवाब दिया
>लेकिन वे एक भी भारतीय विमान को नुकसान नहीं पहुंचा सकीं
इस अभियान ने साबित कर दिया कि भारत की मौजूदा मिसाइल तकनीक दुश्मन पर भारी पड़ती है।
स्वदेशी मिसाइलों पर भी जोर:
भारत सिर्फ विदेशी हथियारों पर निर्भर नहीं है।
DRDO
>200 किमी+ रेंज वाली 700 से अधिक ‘अस्त्र मार्क-2’ मिसाइलों पर काम कर रहा है
>इन्हें सुखोई-30 और तेजस LCA पर लगाया जाएगा
साथ ही, भविष्य में राफेल जेट्स को स्वदेशी एंटी-रेडिएशन मिसाइलों से भी लैस किया जाएगा।
हवाई सीमा सुरक्षा में होगा बड़ा सुधार:
सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, नए मेटेओर मिसाइल बेड़े की तैनाती के बाद—
>भारतीय वायुसेना की “दूर से मार” क्षमता बढ़ेगी
>दुश्मन के विमानों पर पहले वार करने की ताकत और मजबूत होगी
>भारत की एयर डिफेंस लाइन और अटैक क्षमता को बड़ा बढ़ावा मिलेगा


