उत्तराखंड में ट्रैकिंग रूट पर बनेंगी इको-हट्स, पर्यटन बढ़ाने के लिए तैयार हुआ प्रस्ताव

देहरादून। उत्तराखंड में ट्रैकिंग और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन और वन विभाग ने नई पहल शुरू की है। राज्य के पर्वतीय ट्रैकिंग रूट पर मौजूद पारंपरिक छानियों (पहाड़ी झोपड़ियों) को अब इको-हट्स के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।
योजना के तहत पहले चरण में पौड़ी गढ़वाल के दूधातोली-बिनसर क्षेत्र और देहरादून जिले के जौनसार क्षेत्र स्थित झुलका डांडा ट्रैक की पारंपरिक छानियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस इको-हट्स में बदला जाएगा। बाद में इस मॉडल को राज्य के अन्य ट्रैकिंग रूट्स पर भी लागू करने की तैयारी है।
इन इको-हट्स में बायो-टॉयलेट, जल उपचार प्रणाली और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि पर्यटन बढ़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार इनका संचालन स्थानीय युवाओं के समूहों के जरिए किया जाएगा, जिन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
पर्यटन विभाग का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और पलायन रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही ट्रैकिंग रूट पर आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित और व्यवस्थित रात्रि विश्राम की सुविधा भी मिल सकेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड की पारंपरिक छानियां हिमालयी संस्कृति और स्थानीय जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें इको-हट्स में बदलने से राज्य में सतत पर्यटन को नई दिशा मिल सकती है।



