उत्तराखंड

उत्तराखंड: पहाड़ से बाजार पहुंचा काफल का स्वाद, बढ़ी आमदानी; चारधाम यात्री भी ले रहे स्वाद का आनंद

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श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के पहाड़ों की पहचान माने जाने वाले काफल की मिठास इन दिनों शहरों के बाजारों तक पहुंच रही है। खिर्सू और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग काफल लेकर श्रीनगर बाजार पहुंच रहे हैं, जहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ चारधाम यात्री भी इस पारंपरिक पहाड़ी फल का जमकर स्वाद ले रहे हैं।

खिर्सू, जोगड़ी, ग्वाड़ और खेड़ाखाल जैसे गांवों के ग्रामीण शाम को जंगलों से काफल तोड़ते हैं और सुबह तड़के बाजारों में छोटी-छोटी टोकरियों में बेचने पहुंच जाते हैं। खास बात यह है कि दोपहर से पहले ही अधिकांश काफल बिक जाते हैं।

ग्रामीणों के अनुसार इस बार काफल करीब 400 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। वहीं कई लोग गिलास के हिसाब से 30 रुपये में भी काफल बेच रहे हैं। एक टोकरी से लगभग 2000 से 2200 रुपये तक की कमाई हो रही है, जिससे ग्रामीणों की आमदनी बढ़ी है और घरेलू जरूरतें पूरी करने में मदद मिल रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि काफल बेचकर वे घर का राशन और जरूरी सामान खरीदते हैं। कई छात्र भी खाली समय में काफल बेचकर परिवार की आर्थिक मदद कर रहे हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से भी काफल को लाभकारी माना जाता है और गर्मियों में यह लोगों को ताजगी देता है।

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