उत्तराखंड के पांच गांवों में भूमि बंदोबस्ती कार्य ने पकड़ी रफ्तार, भू-सत्यापन और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने पर जोर

उत्तराखंड में भूमि अभिलेखों को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के पांच गांवों में भूमि बंदोबस्ती (सेटलमेंट) का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां सर्वेक्षण के बाद भू-सत्यापन और डिजिटल भूमि रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राजस्व विभाग की पहल का उद्देश्य भूमि से जुड़े पुराने रिकॉर्ड को अपडेट करना, स्वामित्व संबंधी विवादों को कम करना और जमीन संबंधी सेवाओं को अधिक पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाना है। इसके तहत जमीन की सीमाओं, स्वामित्व और अन्य विवरणों का सत्यापन कर डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, पांच गांवों में चल रहा यह कार्य एक पायलट परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। इसके सफल होने पर भविष्य में पूरे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक की मदद से भूमि सर्वेक्षण और पुनः सर्वेक्षण का दायरा बढ़ाया जा सकता है।



