रुड़की में गंगा का जलस्तर 50% से अधिक गिरा, उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं होने से बढ़ी चिंता

मानसून के अपेक्षित रूप से सक्रिय नहीं होने का असर अब उत्तराखंड की जीवनदायिनी गंगा पर भी दिखाई देने लगा है। रुड़की क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 50 प्रतिशत से अधिक गिर गया है, जिससे सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और कृषि गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार शुरुआती मानसून में पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण नदी में पानी का प्रवाह सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया है।
सिंचाई विभाग के अनुसार, इस समय गंगनहर में जल प्रवाह उम्मीद से काफी कम है। सामान्य वर्षों की तुलना में इस बार गंगा का स्तर केवल करीब 45 हजार क्यूसेक तक ही पहुंच सका है, जबकि पर्याप्त वर्षा होने पर इससे कहीं अधिक जल प्रवाह दर्ज किया जाता है। इसका सीधा असर नहरों के माध्यम से होने वाली सिंचाई व्यवस्था पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में पहाड़ी क्षेत्रों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इससे किसानों के सामने सिंचाई का संकट गहरा सकता है और जलापूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन लगातार गंगा के जलस्तर की निगरानी कर रहा है और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि यदि पहाड़ों में अच्छी वर्षा होती है तो गंगा और गंगनहर का जलस्तर दोबारा सामान्य होने लगेगा। फिलहाल जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग की सलाह दी जा रही है।



