7,000 पेड़ों की कटाई पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और उत्तराखंड सरकार से मांगा जवाब

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य में प्रस्तावित 7,000 पेड़ों की कटाई के मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों सरकारों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सड़क परियोजना के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई से पर्यावरण और जैव विविधता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। याचिकाकर्ता ने अदालत से परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी, पेड़ों की कटाई की आवश्यकता और वैकल्पिक उपायों की समीक्षा कराने की मांग की है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को भी सरकार के जवाब पर दो सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर दाखिल करने की अनुमति दी है। मामले की अगली सुनवाई लगभग पांच सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में सड़क चौड़ीकरण और विकास परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित पेड़ों की कटाई को लेकर उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई संगठन और स्थानीय लोग विरोध जता चुके हैं। यह मामला अब न्यायिक समीक्षा के दायरे में आने के बाद राज्य की प्रमुख पर्यावरणीय बहसों में शामिल हो गया है।



